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जानिए उजाला योजना क्या है ?

उजाला योजना
उजाला योजना क्या है ? इसका लाभ किसको व् कैसे मिलेगा 
UJALA YOJNA KYA HAI KAISE LE ISKA LAABH

भारत सरकार के राष्‍ट्रीय कार्यक्रम— उन्नत ज्योति बाय अफोर्डेबल एलईडीज फॉर ऑल(उजाला) अर्थात उन्‍नत ज्‍योति द्वारा सभी के लिए रियायती एलईडी (उजाला) की शुरुआत हाल ही में भोपाल से की गई। इस कार्यक्रम का क्रियान्‍वयन बिजली मंत्रालय की संयुक्‍त उपक्रम सार्वजनिक कंपनी एनर्जी एफिशंसी सर्विसेज लिमिटेड (ईईएसएल) द्वारा किया जा रहा है। एलईडी आधारित घरेलू सक्षमता लाइटिंग कार्यक्रम (डोमेस्टिक एफीसिएंट लाइटिंग प्रोग्राम-डीईएलपी) को 'उजाला' नाम दिया गया है।  

UJALA YOJNA KYA HAI KAISE LE ISKA LAABH


शुरुआत में उजाला योजना का पूरी तरह से संचालन राजस्थान, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, बिहार, आंध्र प्रदेश, पुद्दुचेरी, झारखंड, छत्तीसगढ़ और उत्तराखंड में हो रहा है। कई और राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेश इस योजना से जुड़ेंगे।

उजाला योजना को इससे पहले “घरेलू कुशल प्रकाश कार्यक्रम” नाम के साथ शुरू किया गया था। प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा घोषित इस योजना को अब नए नाम के साथ फिर से शुरू किया गया है। यह योजना भी उपभोक्ताओं को पहेले से और अधिक लाभ प्रदान करने की पहल है जिसमे कम दाम पर एलईडी लाइट बल्ब लोगो को दिए जायेंगे जिससे वो इस योजना का लाभ उठा सके। इस प्रधानमंत्री योजना का मुख्य उद्देश्य नार्मल बल्ब के करीब 200 मिलिनियम उपभोक्ता को एलईडी लाइट बल्ब की इस्तेमाल की तरफ प्रेरित करना है, इससे पुरे देश भर में करीब 10.5 अरब किलोवाट की बचत होगी।

उजाला योजना- फ्री एलईडी लाइट बल्ब स्कीम की मुख्य विशेषताएं :-
सरकार इस योजना के तहत सस्ती एलईडी लाइट बल्ब दे रही है।
कुशल प्रकाश बल्ब के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए सबसे पहली और सबसे मजबूत उपायों में से एक है।
इस योजना का उद्देश्य पर्यावरण की रक्षा भी है।
इस योजना के तहत आवेदक को सब्सिडी वाले दामों पर एलईडी लाइट बल्ब दिया जाएगा। जिससे एलईडी लाइट बल्ब आपको बाजार मूल्य से 40% से कम दाम में प्रदान किया जाएगा।
उजाला योजना को सफल बनाने के लिए राज्य और केंद्र सरकार दोनों ने हाथ मिलाया है।
इससे पहले इसी तरह की एक योजना शुरू की गई थी, लेकिन अब यह उजाला योजना के साथ पुनर्जीवित किया गया है।

उजाला योजना- फ्री एलईडी लाइट बल्ब कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य क्या है ?

एलईडी बल्बों के उपयोग को बढ़ावा देना है, इसलिए इसे बाजार मूल्य की तुलना में सस्ती दरों पर उपलब्ध कराया जा रहा है। इसका मतलब यह है कि यदि आप इस योजना के माध्यम से एक एलईडी बल्ब लेते है तो यह आपको बाजार की तुलना में काफी सस्ती दर पर मिल जाएगा। वर्तमान में, एक आम घरेलू एलईडी बल्ब के बाजार दर 160 के आसपास रुपये है। किन्तु इस योजना के तहत आपको यह सिर्फ 85 रुपये में मिल जायेगा जाएगा। यह ध्यान भी दिया जाना चाहिए कि यह बल्ब 9w में उपलब्ध हैं। इसके अलावा, सभी इस कार्यक्रम के तहत ख़रीदे गए सभी बल्ब की 3 साल के प्रतिस्थापन वारंटी है।

उजाला योजना के लिए आवेदन कैसे करे ?

उजाला योजना के लिए आवेदन करने के लिए एक आधिकारिक वेबसाइट उपलब्ध है। आवदेन फॉर्म आप http://www.ujala.gov.in/ से डाउनलोड कर सकते हैं, आप इसे भरने के बाद अधिकारियों को प्रस्तुत कर सकते हैं। DISCOM कार्यालय से आपको अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध होगी।

उजाला योजना के लिए जर्रुरी दस्तावेज कौन से है ?

इस कार्यक्रम का लाभ लेने के लिए आप निम्लिखित में एक दस्तावेज़ दे सकते है-
आधार कार्ड
मतदाता पहचान पत्र
पासपोर्ट अपने पते का सबूत देने के लिए, आपको बिजली या फोन का बिल दे सकते हैं।

उजाला योजना का लाभ क्या है ?
इस कार्यक्रम के द्वारा लोगों एलईडी बल्ब के लाभों के बारे में पता हो जाएगा। इस तरह से एलईडी बल्बों के उपयोग के लिए देश भर में सुधार होगा।
इस योजना के तहत आवेदक को सब्सिडी वाले दामों पर एलईडी लाइट बल्ब दिया जाएगा। जिससे एलईडी लाइट बल्ब आपको बाजार मूल्य से 40% कम दाम में प्रदान किया जाएगा।
यह यकीन है कि पर्यावरण पर इन बल्बों के उपयोग से सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।
एलईडी बल्ब के इस्तेमाल से ऊर्जा का कम उपयोग किया जाएगा और यह ऊर्जा/विधुत संरक्षण के लिए अच्छा होगा।

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वर्ष 2020 में परेशानी से बचना चाहते हैं तो मे इन जरुरी तारीखों का रखें ध्यान

सबसे पहले आपको ढेर सारी शुभ कामनाओं के साथ नव वर्ष की बधाई , अब आते है नए वर्ष पर होने वाले कुछ विशेष कार्यों पर जिनका आपको ध्यान रखना चाहिए वो कहते हैं न की कोई काम अगर हमे करना है तो उसकी तैयारी पहले से ही कर लेना अच्छा रहता है | आपका वर्ष 2020 बिना किसी विघ्‍न-बाधा के गुजरे इसी का ख्याल रखते हुए हम आपको कुछ जरूरी कामों की अंतिम तारीख एक बार याद दिलाना चाहते हैं जो आपके लिए महत्वपूर्ण भी है | इस पोस्ट में आपको ऐसे ही 10 कामों के बारे में बताने जा रहें है जिनकी आखरी तारीख कुछ इस प्रकार है |



फास्टैग लेने की अंतिम तारीख : 15 जनवरी

हाईवे से गुजरने वाले सभी वाहनों के ल‍िए फास्‍टैग जरूरी क‍िया गया है. 15 जनवरी के बाद ज‍िन वाहनों पर फास्टैग नहीं लगा होगा, उनसे दोगुना टोल वसूला जाएगा. पहले इसके ल‍िए आखिरी तारीख 31 दिसंबर थी. इसे बढ़ाकर 15 जनवरी किया गया है.

सीनियर सिटीजंस के लिए पीएमवीवीवाई में निवेश : 31 मार्च
फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट पर ब्‍याज दरें लगातार घट रही हैं. इनके बीच प्रधानमंत्री वय वंदना योजना वरिष्‍ठ नागरिकों के लिए एक और विकल्‍प है जिस पर वे विचार कर सकते हैं. यह बुजुर्गों के लिए उपलब्‍ध पेंशन स्‍कीम है. यह स्‍कीम 10 साल के लिए एक तय दर पर पेंशन के भुगतान की गारंटी देती है.

इसका रिटर्न 8-8.3 फीसदी की रेंज में है. यह निवेश के मोड निर्भर करता है. यह दर फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट के मुकाबले ज्‍यादा है. अभी एसबीआई सीनियर सिटीजंस को 10 साल की अवधि के फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट पर 6.75 फीसदी ब्‍याज दे रहा है.

स्‍कीम के तहत सीनियर सिटीजंस 15 लाख रुपये तक निवेश कर सकते हैं. इस स्‍कीम में 31 मार्च तक निवेश किया जा सकता है.

बिलेटेड आईटीआर फाइल करने की डेडलाइन : 31 मार्च
अगर वित्‍त वर्ष 2018-19 के लिए आपने अब तक आईटीआर फाइल नहीं किया है तो जरूरी है कि आप ऐसा 31 मार्च, 2020 तक कर दें. अगर बिलेटेड आईटीआर फाइल करने की यह मियाद आप चूक जाते हैं तो आप अपना आईटीआर तब तक फाइल नहीं कर पाएंगे जब तक इनकम टैक्‍स डिपार्टमेंट आपसे ऐसा करने के लिए नहीं कहता है.

याद रखें कि बिलेट‍ेड आईटीआर फाइल करने के लिए आपको 10,000 रुपये की लेट फीस देनी होगी. हालांकि, अगर आप इसे 31 दिसंबर तक फाइल कर देते तो आपको 5,000 रुपये की लेट फीस देनी पड़ती.

सरकार को किराये पर टीडीएस जमा करने की अंतिम तारीख : टैक्‍स डिडक्‍शन की तारीख पर न‍िर्भर
अगर आप किराये के मकान में रहते हैं और महीने में 50,000 रुपये से ज्‍यादा का किराया देते हैं तो इस पर आपको टैक्‍स काटने की जरूरत है. आयकर कानून के अनुसार, ऐसे किरायेदार को वित्‍त वर्ष में एक बार कुल किराये पर 5 फीसदी की दर से टैक्‍स काटने की जरूरत है.

यह टैक्‍स घर खाली करते वक्‍त या वित्‍त वर्ष के अंत में काटा जा सकता है. जिस महीने ये काटा जाता है, उसके 30 दिनों के भीतर सरकार के पास टीडीएस को जमा करने की जरूरत पड़ती है. ऐसा नहीं करने पर पेनाल्‍टी और ब्‍याज लगता है.

टैक्‍स बचत से जुड़े निवेश : 31 मार्च
टैक्‍स बचत करने के लिए जरूरी है कि आप 31 मार्च से पहले टैक्‍स सेविंग इनवेस्‍टमेंट कर दें. अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो आप टैक्‍स-सेविंग्‍स डिडक्‍शन क्‍लेम नहीं कर सकेंगे. नतीजतन आपको ज्‍यादा टैक्‍स देना पड़ेगा.

कंपनी को निवेश के सबूत जमा करने की मियाद : अलग-अलग कंपनियों में अलग-अलग
टैक्‍स बचत से जुड़ी एक और बात जो आपको ध्‍यान में रखने की जरूरत है वह यह है कि जरूरी दस्‍तावेजों को अपनी कंपनी को समय रहते जमा कर दें. इससे अतिरिक्‍त टीडीएस कटने से बच जाएगा. टैक्‍स बचत के लिए आपको निवेश के प्रूफ, रेंट एग्रीमेंट इत्‍यादि को जमा करने की जरूरत पड़ती है. हालांकि, याद रखें कि ऐसे दस्‍तावेजों को जमा करने की डेडलाइन अलग-अलग कंपनियों में अलग-अलग होती है.

कंपनी, बैंक से टीडीएस सर्टिफिकेट जुटाने की तारीख : 15 जून से जुटाना शुरू कर दें
आईटीआर फाइल करने में पहला स्‍टेप कंपनी और बैंक से टीडीएस सर्टिफिकेट हासिल कर लेना है. कंपनी को आपको फॉर्म 16 (टीडीएस सर्टिफिकेट) देने की जरूरत पड़ती है. इसमें वर्ष के दौरान दी गई सैलरी और काटे गए टैक्‍स का ब्‍योरा होता है.

इसी तरह बैंक भी फॉर्म 16 ए (टीडीएस सर्टिफिकेट) जारी करते हैं. यह ब्‍याज के 10,000 रुपये से ज्‍यादा होने पर काटे गए टैक्‍स के लिए जारी किया जाता है. सीनियर सिटीजंस के लिए यह लिमिट 50,000 रुपये है.

बैंक और आपकी कंपनी 15 जून से आपको टीडीएस सर्टिफिकेट देती है. इसे हासिल करना नहीं भूलें.

आईटीआर फाइल करने की डेडलाइन : 31 जुलाई
31 मार्च तक टैक्‍स सेविंग्‍स पूरी कर लेने के बाद अगला स्‍टेप अपना आईटीआर फाइल करने का है. आम करदाता और एचयूएफ के लिए आईटीआर फाइल करने की अंतिम तारीख 31 जुलाई है. अगर आप इस तारीख तक रिटर्न फाइल नहीं करते हैं तो आपको पेनाल्‍टी देनी होगी. डेडलाइन के बाद लेकिन 31 दिसंबर 2020 से प‍हले आप आटीआर फाइल करते हैं तो आपसे 5,000 रुपये की पेनाल्‍टी वसूली जाएगी.

जनवरी 2021 और मार्च 2021 के बीच आईटीआर फाइल करने पर पेनाल्‍टी की रकम 10,000 रुपये होगी. छोटे करदाता जिनकी इनकम 5 लाख रुपये से ज्‍यादा नहीं है, उनके लिए अधिकतम पेनाल्‍टी 1,000 रुपये है.

पैन से आधार को लिंक करने की अंतिम तारीख : 31 मार्च
पैन को आधार के साथ लिंक करने की अंतिम तारीख को बढ़ाकर 31 मार्च, 2020 किया गया है. पहले इसकी समयसीमा 31 दिसंबर, 2019 थी. याद रखें अगर समय रहते पैन को आधार के साथ लिंक नहीं किया गया तो आपका पैन इनऑपरेटिव हो जाएगा.

होम लोन पर पीएमएवाई के तहत क्रेडिट सब्‍सिडी : 31 मार्च
मिडिल इनकम ग्रुप के लिए प्रधानमंत्री आवास (पीएमएवाई) योजना के तहत लाभ लेने के लिए अंतिम तारीख 31 मार्च है. पीएमएवाई स्‍कीम के अनुसार, मिडिल इनकम ग्रुप I और II घर खरीदने पर क्रेडिट सब्सिडी हासिल कर सकते हैं. यह सब्सिडी कुछ शर्तों के साथ मिलती है.

स्‍कीम के तहत सालाना हाउसहोल्‍ड इनकम के आधार पर कैटेगरी को बांटा गया है. एमआईजी-I के लिए हाउसहोल्‍ड इनकम 6 लाख से 12 लाख रुपये के बीच रखी गई है. इस कैटेगरी के लिए चार फीसदी क्रेडिट सब्सिडी उपलब्‍ध है.

इसी तरह एमआईजी-II श्रेणी में वो आते हैं जिनकी हाउसहोल्‍ड इनकम 12 लाख से 18 लाख रुपये के बीच है. इन्‍हें तीन फीसदी की क्रेडिट सब्सिडी उपलब्‍ध है.

अटल पेंशन योजना में रखें ध्यान

अटल पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए इन बातों का रखें ध्यान  || सरकारी योजना 
ATAL PENSEN YOJNA KA LABH LETE SAMY RAKHEN IN BATON KA DHYAN 

अटल पेंशन योजना (APY) असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए काफी फायदेमंद सामजिक सुरक्षा स्कीम है. APY में निवेश करने से रिटायरमेंट के बाद के खर्च करने के लिए आपको नियमित आय मिलती है.

केंद्र सरकार ने APY को मई 2015 में शुरू किया था. इससे पहले असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों के लिए इस तरह की (APY) कोई योजना नहीं थी.
अटल पेंशन योजना


अटल पेंशन योजना (APY) में निवेश से रिटायर होने के बाद आप हर माह पेंशन पाने के हकदार हो सकते हैं. APY योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि अगर आपकी असामयिक मृत्यु हो जाती है तो आपके परिवार को फायदा जारी रखने का प्रावधान है.

अटल पेंशन योजना (APY) में निवेश करने वाले व्यक्ति की मृत्यु होने पर उसकी पत्नी और पत्नी की भी मृत्यु होने की स्थिति में बच्चों को पेंशन मिलने का प्रावधान है.

रिटायर होने के बाद जीवनभर पेंशन पाने के लिए आपको APY में कुछ सालों तक ही निवेश करना होता है. आपके निवेश के साथ ही सरकार भी अटल पेंशन योजना (APY) में अपनी ओर से भी अंशदान देती है.

किसके लिए है अटल पेंशन योजना (APY)?
अटल पेंशन योजना (APY) में कोई भी भारतीय निवेश शुरू कर सकता है. अटल पेंशन योजना (APY) में भाग लेने के लिए आपका बैंक खाता होना जरूरी है.

APY खाता खोलने के लिए इसे आधार कार्ड से जुड़ा होना भी जरूरी है. अटल पेंशन योजना (APY) का लाभ उन्हीं लोगों को मिल सकता है जो इनकम टैक्स स्लैब से बाहर हैं.


APY में उम्र की है सीमा क्या है?
अटल पेंशन योजना (APY) के लिए लोगों को 6 भागों में बांटा गया है. अटल पेंशन योजना (APY) का फायदा उठाने के लिए आपकी उम्र 18 से 40 साल के बीच होनी चहिए. APY के तहत पेंशन पाने के लिए आपको कम से कम 20 साल तक निवेश करना होगा.

APY-Chart-
अटल पेंशन योजना



APY में कितना पेंशन मिलेगा ?
APY में पेंशन की रकम आपके द्वारा किए गए निवेश और आपकी उम्र पर निर्भर करती है. अटल पेंशन योजना (APY) के तहत कम से कम 1,000 रुपये और अधिकतम 5,000 रुपये मासिक पेंशन मिल सकता है. 60 साल की उम्र से आपको APY के तहत पेंशन मिलना शुरू हो जाएगा.


क्या है APY का फायदा ?
आप जितनी जल्दी अटल पेंशन योजना (APY) से जुड़ेंगे उतना अधिक फायदा मिलेगा. अगर कोई व्यक्ति 18 साल की उम्र में अटल पेंशन योजना (APY) से जुड़ता है तो उसे हर महीने 210 रुपये का निवेश करना होगा.

रिटायर होने के बाद 60 साल की उम्र से आपको हर महीने 5000 रुपये मासिक पेंशन मिलेगी.
अटल पेंशन योजना

कौन नहीं हो सकता है APY में शामिल ?
ऐसे लोग जो आयकर (Income Tax) के दायरे में आते हैं, सरकारी इम्प्लाई हैं या फिर पहले से ही EPF, EPS जैसी योजना का लाभ ले रहे हैं वे अटल पेंशन योजना (APY) का हिस्सा नहीं बन सकते.

अटल पेंशन योजना (APY) के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप इस वेबसाईट पर जा सकते हैं : https://npscra.nsdl.co.in/nsdl/scheme-details/APY_Scheme_Details.pdf

डिजिलॉकर क्या है कैसे आप इसके साथ अपना चालान कटने से बचा सकते हैं || प्रधानमंत्री योजना

क्या आप भी इंटरव्यू में ऑरिजिनल दस्तावेज ले जाने से डरते हैं? आपको एमबीए (MBA), इंजीनियरिंग की अपनी डिग्री खो जाने का डर सताता है? केंद्र सरकार की डिजिटल लॉकर स्कीम आपकी काफी मदद कर सकती है.

आप अपने सभी शैक्षणिक दस्तावेज, पहचान और पते का प्रमाण यहां सुरक्षित रख सकते हैं. अगर आप इंटरव्यू देने जा रहे हैं तो आप वहां एक लिंक दे सकते हैं, जिससे आपके दस्तावेज की जांच आसानी से हो जाएगी.

आपको अपने साथ फोल्डर में ऑरिजिनल सर्टिफिकेट ले जाने की जरूरत नहीं है.


डिजिलॉकर क्या है


डिजिटल लॉकर स्कीम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया प्रोग्राम का महत्वपूर्ण हिस्सा है. इंटरनेट आधारित इस सेवा के जरिये आप जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाण पत्र जैसे अहम दस्तावेजों को ऑनलाइन रख सकते हैं.

इसके लिए आपके पास आधार कार्ड होना चाहिए. आधार नंबर के इस्तेमाल से आप अपना डिजिटल लॉकर खोल सकते हैं.

क्या है इसका उद्देश्य?
डिजिटल लॉकर स्कीम का उद्देश्य दस्तावेजों के कागजी रूप को कम करना है. इसके अलावा इससे एजेंसियों के बीच ई-दस्तावेजों के आदान-प्रदान का चलन बढ़ाना भी एक मकसद है.

इस पोर्टल की मदद से ई-दस्तावेजों का आदान-प्रदान पंजीकृत कोष के माध्यम से किया जाएगा, जिससे ऑनलाइन दस्तावेजों की प्रामाणिकता सुनिश्चित होगी.

आवेदक अपने दस्तावेज को स्कैन कर वेबसाइट पर अपलोड कर सकते हैं. इसके साथ ही डिजिटल ई-साइन सेवा का उपयोग कर उन पर हस्ताक्षर कर सकते हैं. इन डिजिटल हस्ताक्षर वाले दस्तावेजों को सरकारी संगठनों या अन्य संस्थाओं के साथ साझा किया जा सकता है.



आपको क्या सुविधा मिलेगी?
डिजिटल लॉकर स्कीम के हर आवेदक के आधार से जुड़ा हुआ 10MB का व्यक्तिगत स्टोरेज स्पेस मिलता है, जहां सुरक्षित रूप से ई-दस्तावेजों एवं URI लिंक को रखा जा सकता है.

जरूरत के वक्त इसे एक्सेस किया जा सकता है. वेब पोर्टल के जरिये यह सुविधा उपलब्ध है. भविष्य में मोबाइल एप से भी यह सेवा मिलेगी.



कैसे बनायें DLS अकाउंट?
सबसे पहले आप इस लिंक पर क्लिक करें: digitallocker.gov.in
यहां आप ईमेल आईडी, पासवर्ड या आधार की मदद से अकाउंट बना सकते हैं.
इसके बाद आधार से लिंक्ड मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी पर वेरिफिकेशन लिंक भेजे जाते हैं.
इन्हें वेरीफाय करते ही आपका अकाउंट बन जायेगा.
फिर आप अपने यूजर आईडी और पासवर्ड से यहां लॉग इन कर सकते हैं.
आप अपने शैक्षणिक दस्तावेज और पहचान/पते का सबूत यहां स्कैन कर अपलोड कर सकते हैं.
इसके बाद आपको डिजिटल हस्ताक्षर करने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी.

डिजिलॉकर क्या है

इन बातों का रखें ध्यान
आप डिजिटल लॉकर पर अपने यूजर नेम और पासवर्ड के अलावा सोशल मीडिया जैसे फेसबुक, ट्विटर और जीमेल के अकाउंट से भी साइन-इन कर सकते हैं.
साइन-इन करने के बाद आपका पर्सनल अकाउंट आपके सामने होगा. इसमें दो सेक्शन होंगे.
पहले में अलग-अलग एजेंसियों द्वारा आपको जारी सर्टिफिकेट, उनके यूआरएल(लिंक), जारी करने की तिथि और शेयर करने का विकल्प होगा.
दूसरे सेक्शन में आपके द्वारा अपलोड सर्टिफिकेट, उनका संक्षिप्त विवरण और शेयर व ई साइन का विकल्प होगा.
जरूरी दस्तावेज अपलोड करने के लिए पहले ऊपर दिए गए विकल्पों में से उचित विकल्प चुनें. जैसे अगर आप सर्टिफिकेट अपलोड करना चाहते हैं तो माई सर्टिफिकेट पर क्लिक करें.
अपलोड डॉक्युमेंट पर क्लिक कर अपने सर्टिफिकेट चुनें. उसके बारे में मांगी गई जानकारी भरें. ऐसे ही एक-एक कर आप अपने सारे दस्तावेज डिजिटल लॉकर में अपलोड कर सकते हैं.

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क्या है धानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना कैसे मिलेगा इसका लाभ || सरकारी योजना

पैसे की दिक्कत की वजह से पढ़ाई पूरी नहीं कर पाने वाले छात्र-छात्राओं के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री विद्या लक्ष्मी योजना लॉन्च की है. योजना के तहत स्कॉलरशिप और एजुकेशन लोन से जुड़ी हर जानकारी एक प्लेटफ़ॉर्म पर मिलती है.
प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना

इस पोर्टल पर एजुकेशन लोन के कॉमन एप्लिकेशन फॉर्म (CAF) भी उपलब्ध हैं. इनकी मदद से पढ़ाई के लिए लोन या स्कॉलरशिप पाने के लिए आवेदन किया जा सकता है.

लोन और स्कॉलरशिप से जुड़ी शिकायतें भी इस पोर्टल के माध्यम से की जा सकती हैं.


अब तक देश के 13 बैंकों ने इस पोर्टल पर एजुकेशन लोन की 22 स्कीम पंजीकृत की है. इनमें SBI, आईडीबीआई बैंक, बैंक ऑफ इंडिया और केनरा बैंक शामिल हैं. इस पोर्टल का डेवलपमेंट और मेंटनेंस एनएसडीएल ई-गवर्नेंस इंफ्रास्ट्रक्चर करती है.

इस पोर्टल को खास तौर पर गरीब छात्रों को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है. पैसे की दिक्कत की वजह से कई बार छात्रों को पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ती थी.

इस योजना के तहत आने वाले वक्त में छात्रों से संबंधित हर तरह की योजनाओं को जोड़ दिया जायेगा. ऑनलाइन वेबसाइट की मदद से लोन और स्कॉलरशिप की प्रक्रिया पूरी होने से सिस्टम में पारदर्शिता भी आएगी.

प्रधानमंत्री विद्या लक्ष्मी योजना के तहत छात्रों को सिर्फ एक फार्म भरना होता है. योजना के तहत एजुकेशन लोन पर ब्याज दर सभी बैंकों में अलग-अलग है. बैंकों के ब्याज दर की जानकारी के लिए छात्रों को पोर्टल पर लॉग-इन करना होगा.


विद्या लक्ष्मी योजना पोर्टल की खासियत
शिक्षा लोन के लिए आवेदन करने की सुविधा
योजना के तहत लोन आवेदन की स्थिति को देखने के लिए डैशबोर्ड की सुविधा
छात्र-छात्राओं के लिए एजुकेशन लोन से संबंधित सवाल एवं शिकायत हेतु ईमेल की सुविधा
बैंकों के लिए लोन प्रक्रिया की मौजूदा स्थिति को अपलोड करने की सुविधा
बैंकों की शिक्षा लोन एवं अन्य स्कीम की एक ही जगह जानकारी
सरकार द्वारा देश भर के छात्र-छात्राओं की सूचना एवं योजनाओं में आवेदन के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल को इससे जोड़ना
सभी बैंकों में एक प्लेटफ़ॉर्म से एजुकेशन लोन के लिए आवेदन करने की सुविधा
प्रधानमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना


विद्या लक्ष्मी योजना के लाभ
विद्या लक्ष्मी योजना की मदद से छात्र अपनी शिक्षा जारी रख सकेंगे.
योजना के तहत छात्र पोर्टल के माध्यम से 13 बैंकों की 22 तरह के लोन का लाभ उठा सकेंगे
अपनी सुविधा/जरूरत के हिसाब से लोन ले सकेंगे
बैंक द्वारा पोर्टल पर लोन से संबंधित जानकारी के साथ स्कॉलरशिप की जानकारी भी अपलोड की जाएगी.
लोन लेने के लिए एकीकृत प्लेटफ़ॉर्म की वजह से छात्रों को एजुकेशन लोन के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा.

विद्या लक्ष्मी योजना में लोन के लिए कैसे करें आवेदन?
विद्या लक्ष्मी योजना में लोन के लिए आवेदन करने के लिए पोर्टल पर जाना होगा. इस लिंक पर क्लिक करें : https://www.vidyalakshmi.co.in/Students/
इस लिंक पर आपको रजिस्टर करने के बाद ही लोन के लिए आवेदन करने का मौका मिलेगा. https://www.vidyalakshmi.co.in/Students/signup
विद्या लक्ष्मी योजना में रजिस्ट्रेशन पूरा होने के बाद आपको एक इमेल आईडी एवं पासवर्ड मिलेगा.
इसके बाद आप इमेल आईडी एवं पासवर्ड डालने के बाद लॉग-इन कर सकेंगे.
एजुकेशन लोन के लिए आप कॉमन एजुकेशन लोन फॉर्म भरें.
विद्या लक्ष्मी योजना के तहत एजुकेशन लोन लेने के लिए आपको अपनी सुविधा के हिसाब से लोन के लिए आवेदन करना होगा.
लोन मंजूर होने के बाद आपको इसी पोर्टल पर उसकी जानकारी मिल जाएगी.

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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के दायरे में कौन सी खेती आती है?

हर साल प्राकृतिक आपदा के चलते भारत में किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है. बाढ़, आंधी, ओले और तेज बारिश से उनकी फसल खराब हो जाती है. उन्हें ऐसे संकट से राहत देने के लिए केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) शुरू की है. इसे 13 जनवरी 2016 को शुरू किया गया था.
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY)

इसके तहत किसानों को खरीफ की फसल के लिये 2 फीसदी प्रीमियम और रबी की फसल के लिये 1.5% प्रीमियम का भुगतान करना पड़ता है.

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PMFBY में प्राकृतिक आपदाओं के कारण खराब हुई फसल के मामले में बीमा प्रीमियम को बहुत कम रखा गया है. इससे PMFBY तक हर किसान की पहुंच बनाने में मदद मिली है.

PMFBY योजना वाणिज्यिक और बागवानी फसलों के लिए भी बीमा सुरक्षा प्रदान करती है. इसमें हालांकि किसानों को 5% प्रीमियम का भुगतान करना पड़ता है.
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY)

भारतीय कृषि बीमा कंपनी (एआईसी या AIC) इस योजना को चलाती है.

PMFBY

योजना के उद्देश्य

  • प्राकृतिक आपदा, कीड़े और रोग की वजह से सरकार द्वारा अधिसूचित फसल में से किसी नुकसान की स्थिति में किसानों को बीमा कवर और वित्तीय सहायता देना.
  • किसानों की खेती में रुचि बनाये रखने के प्रयास एवं उन्हें स्थायी आमदनी उपलब्ध कराना.
  • किसानों को कृषि में इन्नोवेशन एवं आधुनिक पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना.
  • कृषि क्षेत्र में ऋण की उपलब्धता सुनिश्चित करना.

इसे भी पढ़ें: क्या है स्कूल नर्सरी योजना  

कहां से लें PMFBY का फॉर्म?
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के लिए ऑफलाइन (बैंक जाकर) और दूसरा ऑनलाइन, दोनों तरीके से फॉर्म लिए जा सकते हैं. फॉर्म ऑनलाइन भरने के लिए आप इस लिंक पर जा सकते हैं- http://pmfby.gov.in/

अगर आप फॉर्म ऑफलाइन लेना चाहते हैं तो नजदीकी बैंक की शाखा में जाकर फसल बीमा योजना (PMFBY) का फॉर्म भर सकते हैं.

PMFBY1 

PMFBY के लिए किन दस्तावेजों की है जरूरत?



  • किसान की एक फोटो
  • किसान का आईडी कार्ड (पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट, आधार कार्ड)

  • किसान का एड्रेस प्रूफ (ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट, आधार कार्ड
  • अगर खेत आपका अपना है तो इसका खसरा नंबर / खाता नंबर का पेपर साथ में रखें.
  • खेत में फसल की बुवाई हुई है, इसका सबूत पेश करना होगा.
  • इसके सबूत के तौर पर किसान पटवारी, सरपंच, प्रधान जैसे लोगों से एक पत्र लिखवा ले सकते हैं.
  • अगर खेत बटाई या किराए पर लेकर फसल की बुवाई की गयी है, तो खेत के मालिक के साथ करार की कॉपी की फोटोकॉपी जरूर ले जायें.
  • इसमें खेत का खाता/ खसरा नंबर साफ तौर पर लिखा होना चाहिए.

नोट : फसल को नुकसान होने की स्थिति में पैसा सीधे आपके बैंक खाते में पाने के लिए एक रद्द चेक लगाना जरूरी है.
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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY)

PMFBY के लिए ध्यान रखने वाली कुछ अन्य बातें

  • फसल की बुआई के 10 दिनों के अंदर आपको PMFBY का फॉर्म भरना जरूरी है.
  • फसल काटने से 14 दिनों के बीच अगर आपकी फसल को प्राकृतिक आपदा के कारण नुकसान होता है, तब भी आप बीमा योजना का लाभ उठा सकते हैं.
  • बीमा की रकम का लाभ तभी मिलेगा जब आपकी फसल किसी प्राकृतिक आपदा की वजह से ही खराब हुई हो.
  • दावा भुगतान में होने वाली देरी को कम करने के लिए फसल काटने के आंकड़े जुटाने एवं उसे साईट पर अपलोड करने के लिए स्मार्ट फोन, रिमोट सेंसिंग ड्रोन और जीपीएस तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है.
  • कपास की फसल के बीमा का प्रीमियम पिछले साल प्रति एकड़ 62 रुपये था, जबकि धान की फसल के लिए 505.86 रुपये, बाजरा के लिए 222.58 रुपये और मक्का के लिए यह 202.34 रुपये प्रति एकड़ था.


विशेष वेब पोर्टल और मोबाइल एप
भारत सरकार ने हाल ही में बेहतर प्रशासन, विभिन्न एजेंसियों के बीच सही तालमेल, इस बारे में जानकारी के प्रचार-प्रसार और प्रक्रिया में पारदर्शिता के लिए एक बीमा पोर्टल शुरू किया है.

एंड्रॉयड आधारित फसल बीमा एप भी शुरू किया गया है, जो फसल बीमा, कृषि सहयोग और किसान कल्याण विभाग (डीएसी एवं परिवार कल्याण) की वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है.

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